"हम उनके लिए हैं जिनका कोई नहीं": डिप्रेशन के खिलाफ एक युवा की जंग – आकाश महतो

JNV Seraikela Kharsawan Mental Health Advocate Social Worker
Aakash Mahato Success Story

जब खामोशी जान लेने लगे, तो किसी को तो आवाज़ उठानी ही पड़ती है। अक्सर हम सफलताओं को सिर्फ अच्छी नौकरी, रुतबे या पैसों से तौलते हैं। लेकिन असली मुकाम वह होता है जब कोई इंसान अपने गहरे दर्द को अपनी ताकत बना ले और ठान ले कि जो पीड़ा उसने सही है, वह किसी और को नहीं सहने देगा।

आज की कहानी एक ऐसे ही असाधारण युवा— आकाश महतो की है। एक ऐसा नौजवान जिसने बहुत छोटी उम्र में ही यह समझ लिया कि समाज को केवल स्मार्ट इंजीनियरों या डॉक्टरों की ही नहीं, बल्कि 'सुनने वाले कानों' की भी सख्त ज़रूरत है।

"ज़िंदगी काटना और ज़िंदगी जीना—इन दोनों के बीच का फासला 'मानसिक शांति' तय करती है।"

नटखट बचपन से नवोदय की दहलीज तक

झारखंड के सरायकेला-खरसावां ज़िले का एक छोटा सा गाँव नेंगटासाई। इसी गाँव में एक साधारण से परिवार में आकाश का जन्म हुआ। पिता एक छोटी सी दुकान चलाते थे और खेती से परिवार का भरण-पोषण होता था। बचपन में आकाश भी आम बच्चों की तरह बेहद शरारती थे, जो स्कूल जाने से कतराते थे। मार भी पड़ती थी और डांट भी, लेकिन आकाश ने हर डांट को अपनी ज़िंदगी की एक नई सीख मान लिया।

उनके जीवन की पटकथा तब पलटी जब महज़ 11 साल की उम्र (2013) में उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) की प्रवेश परीक्षा पास की। नवोदय के हॉस्टल के शुरुआती दिन उन्हें भारी लगे, लेकिन फिर उसी विद्यालय ने उन्हें तराशना शुरू किया। वाद-विवाद, निबंध, खेलकूद— आकाश हर जगह अव्वल रहने लगे।

उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में भी कमाल किया। 2017 में 'सौर ऊर्जा' पर उनका प्रोजेक्ट राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस (हज़ारीबाग़) तक पहुँचा और 2019 में 'धोबा' (पानी के महत्व पर प्रोजेक्ट) ने उन्हें गुरुग्राम में राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी तक पहुँचा दिया। 10वीं के बाद उन्होंने विज्ञान की जगह 'आर्ट्स' (मानविकी) को चुना और 2020 में 88% अंकों के साथ 12वीं में टॉप किया।

वो घटना, जिसने सब कुछ बदल दिया (The Turning Point)

कक्षा 11 में एक मनहूस दिन आकाश को एक ऐसी खबर मिली जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया। उनके दो हँसते-खेलते सहपाठियों ने आत्महत्या का प्रयास किया। दुर्भाग्य से, उनमें से एक दोस्त हमेशा के लिए इस दुनिया को छोड़ गया।

"वो दोस्त जो कल तक साथ हँस रहे थे, अचानक ऐसा कैसे कर सकते हैं? सच्चाई यह थी कि वे अंदर से टूट चुके थे और अपना दर्द किसी से कह नहीं पाए।"

इस भयानक सदमे ने आकाश को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के बारे में पढ़ना शुरू किया। जब उनके सामने NCRB (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़े आए, तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई— साल 2021 में 13,792 लोगों ने मानसिक बीमारियों के कारण आत्महत्या की थी।

"हम उनके लिए हैं जिनका कोई नहीं" – Let's Talk की शुरुआत

उस दिन आकाश ने एक कसम खाई— "मैं अपने आस-पास किसी को भी डिप्रेशन की वजह से मरने नहीं दूंगा।"

उन्होंने डिप्रेशन के शिकार लोगों को पहचानना और उनसे बात करना शुरू किया। मनोविज्ञान (Psychology) की पढ़ाई करने वाले कुछ दोस्तों को मिलाकर एक टीम बनाई। कोरोना काल के उस भयावह अकेलेपन में, जब दुनिया घरों में कैद थी, आकाश और उनकी टीम ने सैकड़ों युवाओं की परेशानियां सुनीं और उन्हें डिप्रेशन से बाहर निकाला।

साल 2022 में उन्होंने 'लेट्स टॉक' (Let's Talk) अभियान की नींव रखी। वे स्कूलों में जाते हैं, बच्चों से खुलकर उनके तनाव पर बात करते हैं, और यह सब पूरी तरह से निःशुल्क (Free) है।

उच्च शिक्षा और ज़मीन से जुड़ाव

आकाश ने अपनी ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अम्बेडकर कॉलेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल से 100% स्कॉलरशिप के साथ परास्नातक (M.A. Education) की डिग्री हासिल की। फील्ड प्रैक्टिस के दौरान उन्होंने आंगनवाड़ियों में काम किया, 'बाल चौपाल' लगाए और बच्चों को कचरे से बेहतरीन चीज़ें (Best out of waste) बनाना सिखाया।

सामाजिक कार्यों की एक लंबी फेहरिस्त

आकाश महतो केवल मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं। समाज सेवा उनके खून में बस चुकी है। वे कई बड़े संगठनों से जुड़कर ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं:

पहचान और एक अटूट संकल्प

महज़ 21 साल की उम्र में आकाश महतो समाज में एक बड़ी उम्मीद की किरण बन चुके हैं। क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मीडिया उन्हें कवर कर चुका है। अर्का जैन विश्वविद्यालय ने उन्हें 'गेस्ट ऑफ़ ऑनर' से सम्मानित किया है।

"सकारात्मक, ईमानदार और मजबूत इरादों के साथ इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है। एक व्यक्तिगत पीड़ा को समाज की ढाल बना देना ही सबसे बड़ा साहस है।"

आकाश की कहानी हमें सिखाती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए उम्र या पैसों का बड़ा होना ज़रूरी नहीं है, सिर्फ दिल में दर्द को समझने की शक्ति होनी चाहिए। नवोदय विद्यालय परिवार को आकाश पर गर्व है, जो उस खामोश बीमारी (Depression) के खिलाफ लड़ रहे हैं, जो दीमक की तरह हमारे युवाओं को खा रही है।

आप अकेले नहीं हैं, हम आपके साथ हैं!

यदि आप या आपका कोई अपना डिप्रेशन, अकेलेपन या अत्यधिक मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो मदद मांगना कमज़ोरी नहीं, सबसे बड़ी ताक़त है। कृपया नीचे दिए गए नंबर्स पर तुरंत संपर्क करें (यह पूरी तरह गोपनीय है):

आकाश महतो (Let's Talk): +91 82947 62780
आसरा फाउंडेशन (Aasra): 022 2754 6669
द समरिटन्स (Mumbai): +91 84229 84528
संजीवनी सोसाइटी: +91 11 2431 1918

क्या आप भी अपने बच्चे को नवोदय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनाना चाहते हैं?

नवोदय पाठशाला लेकर आया है कक्षा 6 प्रवेश परीक्षा के लिए विशेष तैयारी बैच। अनुभवी शिक्षक, बेहतरीन स्टडी मटेरियल और साप्ताहिक OMR टेस्ट के साथ, आज ही अपने बच्चे के सुनहरे भविष्य की नींव रखें।

Apply Now